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🌍 G20 क्या है? – इतिहास, उद्देश्य, सदस्य देश और वैश्विक महत्व (विस्तृत जानकारी)

आज के समय में जब पूरी दुनिया आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है, तब एक ऐसा मंच बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है जहाँ बड़े देश मिलकर समाधान खोज सकें। ऐसा ही एक वैश्विक समूह है — G20

G20 दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जो वैश्विक आर्थिक स्थिरता, विकास, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक मुद्दों पर मिलकर काम करता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि G20 क्या है, इसकी स्थापना कब हुई, इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं, इसका महत्व क्या है और भारत की भूमिका क्या रही है।


📌 G20 का पूरा नाम क्या है?

G20 का पूरा नाम है Group of Twenty
यह 19 देशों और यूरोपीय संघ का एक अंतर-सरकारी मंच (Intergovernmental Forum) है।


🏛️ G20 की स्थापना कब और क्यों हुई?

G20 की स्थापना 1999 में की गई थी। इसका गठन एशियाई वित्तीय संकट (1997–98) के बाद हुआ, जब यह महसूस किया गया कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए केवल विकसित देशों का समूह पर्याप्त नहीं है।

शुरुआत में G20 केवल वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों का मंच था। लेकिन 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद इसे नेताओं (Heads of State/Government) के स्तर तक बढ़ाया गया। तभी से हर साल G20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाता है।


🌎 G20 में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

G20 में 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं:

  1. भारत
  2. अमेरिका
  3. चीन
  4. रूस
  5. जापान
  6. जर्मनी
  7. फ्रांस
  8. ब्रिटेन
  9. इटली
  10. कनाडा
  11. ऑस्ट्रेलिया
  12. ब्राज़ील
  13. अर्जेंटीना
  14. दक्षिण अफ्रीका
  15. सऊदी अरब
  16. इंडोनेशिया
  17. दक्षिण कोरिया
  18. तुर्की
  19. मेक्सिको
  20. यूरोपीय संघ

👉 2023 में African Union को भी स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया, जिससे यह समूह और अधिक प्रतिनिधित्वकारी बन गया।


🎯 G20 के मुख्य उद्देश्य

G20 का मुख्य उद्देश्य वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करना है। इसके प्रमुख लक्ष्य हैं:

1️⃣ वैश्विक आर्थिक स्थिरता

विश्व अर्थव्यवस्था को स्थिर और संतुलित बनाए रखना।

2️⃣ वित्तीय सहयोग

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं जैसे IMF और World Bank के साथ मिलकर सुधार करना।

3️⃣ जलवायु परिवर्तन

ग्रीन एनर्जी, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण पर काम करना।

4️⃣ सतत विकास

गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल विकास को बढ़ावा देना।

5️⃣ वैश्विक व्यापार

खुले और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देना।


📊 G20 का वैश्विक महत्व

G20 दुनिया की:

  • लगभग 85% वैश्विक GDP
  • 75% वैश्विक व्यापार
  • 60% से अधिक विश्व जनसंख्या

का प्रतिनिधित्व करता है।

इसलिए G20 के फैसले पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।


भारत और G20

भारत G20 का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। 2023 में भारत ने G20 की अध्यक्षता की और नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन आयोजित किया।

इस सम्मेलन की थीम थी:
“Vasudhaiva Kutumbakam” (One Earth, One Family, One Future)

भारत ने निम्न मुद्दों पर जोर दिया:

  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
  • ग्रीन डेवलपमेंट
  • महिला सशक्तिकरण
  • ग्लोबल साउथ की आवाज

नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration) को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, जो भारत की कूटनीतिक सफलता मानी गई।


🏢 G20 कैसे काम करता है?

G20 तीन प्रमुख ट्रैक में काम करता है:

1️⃣ शेरपा ट्रैक (Sherpa Track)

विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, जलवायु और सामाजिक मुद्दों पर काम करता है।

2️⃣ फाइनेंस ट्रैक (Finance Track)

वित्तीय स्थिरता, कर सुधार और बैंकिंग व्यवस्था पर काम करता है।

3️⃣ एंगेजमेंट ग्रुप

व्यापार, महिला, युवा, सिविल सोसाइटी और थिंक टैंक समूहों को शामिल करता है।


🌍 G7 और G20 में अंतर

बिंदुG7G20
सदस्य7 विकसित देशविकसित + विकासशील देश
प्रतिनिधित्वसीमितव्यापक
प्रभावआर्थिकआर्थिक + सामाजिक + पर्यावरण

G20 अधिक प्रतिनिधित्वकारी मंच है क्योंकि इसमें विकासशील देश भी शामिल हैं।


🌱 G20 और जलवायु परिवर्तन

G20 देश वैश्विक कार्बन उत्सर्जन का बड़ा हिस्सा हैं। इसलिए:

  • ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन
  • कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य
  • नवीकरणीय ऊर्जा निवेश

पर चर्चा होती है।


💻 डिजिटल अर्थव्यवस्था और G20

भारत की अध्यक्षता के दौरान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को विशेष महत्व दिया गया।

  • UPI मॉडल
  • डिजिटल पहचान
  • फिनटेक नवाचार

को वैश्विक स्तर पर साझा करने पर जोर दिया गया।


📌 G20 की आलोचना

हालाँकि G20 महत्वपूर्ण मंच है, लेकिन इसकी कुछ आलोचनाएँ भी हैं:

  • निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते
  • गरीब देशों का सीमित प्रतिनिधित्व
  • राजनीतिक मतभेदों के कारण सहमति में कठिनाई

फिर भी यह वैश्विक सहयोग का प्रमुख मंच बना हुआ है।


🔮 भविष्य में G20 की भूमिका

आने वाले वर्षों में G20 निम्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा:

  • AI और टेक्नोलॉजी गवर्नेंस
  • जलवायु वित्त
  • वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा
  • आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता

📌 निष्कर्ष

G20 केवल 20 देशों का समूह नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग का एक शक्तिशाली मंच है। यह विकसित और विकासशील देशों को एक साथ लाकर आर्थिक स्थिरता, सतत विकास और वैश्विक शांति के लिए काम करता है।

भारत की सक्रिय भूमिका ने इस मंच को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने में योगदान दिया है।

आज के समय में जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब G20 जैसे मंच की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।


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